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शुक्रवार, 18 सितंबर 2020

तपती धरती

धरती तपती देखी तो मानव घबरा गया
शिकायतों का पुलिंदा लेकर कैलाश पर्वत आ गया
कैलाश पर पार्वती संग बैठे थे भोले
मानव भोले से ऐसे बोले
बचा लो प्रभु अब नहीं सहन हो पाएगा
गर्मी इतनी बढ़ गई कि ऐ.सी. भी फेल हो जाएगा
इतनी सुन भोले ने सूर्य देव को बुलवाया
सूर्यदेव कैलाश पर्वत आया और फिर मुस्कुराया
भोले बोले मानव शिकायत ले आया है
तुझे कोई गम नहीं तू क्यों मुस्कुराया है
सूर्य बोला इसमें मेरी क्या गलती है
मानव इतना प्रदूषण फैला रहा है
जिससे धरती बेवजह तपती है
जिससे धरती बेवजह तपती है

रंगी छन्द

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