मंगलवार, 8 मार्च 2022

नारी शक्ति

*अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर नारियों के सम्मान में*



घर-घर में पूजो नारी को, 

कभी नहीं पछताओगे।

कर लो नारी का सम्मान यदि,

तो जग में तर जाओगे।


नारी का प्रेम स्पर्श मन में,

वह एहसास दिलाता है।

नारी के ही आंचल में से,

भूमंडल भर जाता है।।


मुसीबत को हराने वाली,

सावित्री भी नारी थी।

प्राण बचा कर सत्यवान के,

गयी मौत पर भारी थी।।


माँ टेरिसा बनकर जग को,

प्रेम का पाठ पढ़ाती है।

गृहणी बन कर के भी नारी,

घर को स्वर्ग बनाती है।।


शबरी बनकर शूल मिटादे

बस वो ही तो नारी है।

माँ बनकर कुमाता ना हुई,

बेटे पर बलिहारी है।।


अबला ना नारी सबला है

नारी शक्ति है, सम्मान है।

नारी को *दिनेश तूफानी*

करता शत-शत प्रणाम है।।


*🖋️रचनाकार🖋️*

*कवि दिनेश प्रजापति "तूफानी",सिकन्दरा*

*दौसा (राजस्थान)*

*सम्पर्क-9610276946*

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