*महावीर जयंती*
हिंसा व जात-पात जिस युग में बढ़ गया,
उस युग में स्वामी महावीर का जन्म हुआ।।
स्वामी महावीर प्रभु ही जगत विभासक,
सत्य अहिंसा और प्रेम के हो उपासक ।।
अपरिग्रह,अचौर्य,ब्रह्मचर्य,सत्य,अहिंसा,
का तुमने स्वामी पंचशील सिद्धांत दिया।।
त्याग,संयम,प्रेम,करुणा,शील,सदाचार,
महावीर के प्रवचनों का हमे मिला सार।।
बैरी-बैर से शांत नहीं होवे यही सिखाया
शत्रुता का भाव त्याग प्रेम से गले लगाया।।
धर्म जगत की प्रत्येक आत्मा है समान
*जीओ और जीने दो* का हमे मिला ज्ञान।।
-:रचनाकार:-
कवि दिनेश कुमार प्रजापत"तूफानी"
सिकन्दरा,दौसा(राजस्थान)