तेरे बालों को सँवार कर गजरा सजा दूंगा,
ठिकाना पूछे कोई मेरा दिल तेरा बता दूंगा।
मेरे साथ मिलकर कुछ समय गुजारो यार
तेरी याद को मैं सुहानी शाम बना दूंगा।।
वहम तेरा की तेरी हँसी को भुला दूंगा,
फूलों से आती खुसबू को भुला दूंगा।
कोई माने या ना माने मैं तो मानता हूँ,
तेरे दिल को तो मेरा दीवाना बना दूंगा।।

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