यह हिंद है बगीचा ऐसा, जहां फूल सब खिलते हैं।
हिंदू मुस्लिम जैन ईसाई, आपस में जब मिलते हैं।।
हिंदू मुस्लिम जैन ईसाई, आपस में जब मिलते हैं।।
ना हिंदू की गीता बुरी है, ना ही मुस्लिम का कुरान।
राजनीति चक्कर में यारों, इन्सान बन रहा शैतान।।
राजनीति चक्कर में यारों, इन्सान बन रहा शैतान।।
इन्सान बन रहा है शैतान, अपना धर्म बढ़ाने को।
भाई को भाई काट रहा, सत्ता की कुर्सी पाने को।।
भाई को भाई काट रहा, सत्ता की कुर्सी पाने को।।
क्या ये क़त्ल और लूट मार,तारीफ़ यह ईमान की।
क्या आपस में लड़ना मरना, तालीम यही कुरान की।।
क्या आपस में लड़ना मरना, तालीम यही कुरान की।।
वेद उपनिषद व कुरान भी, भाईचारा सिख लाते।
हैं धर्मों के कुछ ठेकेदार,जो आपस में लड़ वाते।।
हैं धर्मों के कुछ ठेकेदार,जो आपस में लड़ वाते।।
उन बीते पल को याद करो,कितने बरबाद हुये थे।
चने चबाये थे गोरो को,तब हम आजाद हुये थे।।
चने चबाये थे गोरो को,तब हम आजाद हुये थे।।
नफरत की इस आंधी में अब,वतन अपना बचा ले हम।
हिन्दू मुस्लिम व सिख ईसाई,एकता को बतला दे हम ।।
हिन्दू मुस्लिम व सिख ईसाई,एकता को बतला दे हम ।।
भारत माता की जय
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